वैशाली-के-लोग

महामानव बाबू लंगट सिंह

हाजीपुर मुजफ्फरपुर रेल खण्ड के सराय स्टेशन से 5 की मी पश्चिम वैशाली जिले के धरहरा ग्राम के अति सामान्य किसान बाबू अवध बिहारी सिंह के पुत्र के रूप में लंगट सिंह का जन्म सन 1851 के आश्विन माह में हुआ था।

जटिल परिस्थितियों के विरुद्ध कठिन संघर्ष कर जीने वाले ही अपनी बेमिशाल उपलब्धियों के बल पर संसार में यशस्वी होते हैं। बाबू लंगट सिंह का जीवन इसका ज्वलंत प्रमाण है. उनके पास कोई ज्यादा भूमि नही थी। आजीविका उपार्जन के लिये कम उम्र में ही वे समस्तीपुर आ गए, जहाँ समस्तीपुर दरभंगा रेल लाइन का काम चल रहा था।

…. read more

मोहम्मद शफी दाउदी

मोहम्मद शफी दाउदी का जन्म 22 अक्टूबर 1875 को वैशाली जिला के अंतर्गत वैशाली थाना के दाउदनगर ग्राम में हुआ था. …. read more

पं.जयनंदन झा

     दिल्ली के लाल किले के ऐतिहासिक दीवाने – आम के प्रशस्त सजे-सजाये हॉल में 16 अगस्त 1972 को जब तत्कालीन प्रधानमंत्री ‘श्रीमती इंदिरा गाँधी’ स्वतंत्रता सेनानियों को स्वतंत्र भारत की ओर से ‘ताम्र-पत्र’ प्रदान करने बैठी और देश के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी वयोवृद्ध 89 वर्षीय पं. जयनंदन झा के नाम की पुकार हुई….

.. read more

बाबू दीपनारायण सिंह

     वैशाली के गौरव दीप बाबू को मैंने कभी देखा नहीं पर बड़े-बुजुर्गों और उनके नजदीक रहे लोगों से उनके बारे में सुना जरूर है. प्रत्येक अगली पीढ़ी अतीत की विभूतियों के बारे में पढकर या सुनकर ही जानती है. इतिहास को जानने का बड़ा आधार ‘सुनना’ भी है. भारतीय प्राचीन  वांग्मय का सम्पूर्ण ज्ञान ‘श्रुत’ परम्परा से ही सुरक्षित रखा जाता था.

…. read more

शुक्ल-बन्धु - वैशाली के महान सपूत!

क्रांतिवीर योगेन्द्र शुक्ल एवं बैकुंठ शुक्ल वैशाली (तत्कालीन मुजफ्फरपुर) जिला के ग्राम जलालपुर के निवासी थे. योगेन्द्र शुक्ल का जन्म 1896 में हुआ था. बसावन सिंह के साथ वे हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिक एसोसिएशन के संस्थापक सदस्यों में एक थे. बिहार कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के भी वे संस्थापक सदस्य थे. बैकुंठ शुक्ल उनके भतीजा थे, …. read more

स्वतंत्रता सेनानी बाबू अक्षयवट राय

शनिवार 22 दिसम्बर, 1900 को तत्कालीन जनपद मुजफ्फरपुर वर्तमान वैशाली (बिहार) के बिदुपुर थानान्तर्गत शीतलपुर ककरहटा निवासी पिता निरसु राय एवं माता कमला देवी के पुत्र के रूप में अक्षयवट राय का जन्म हुआ.

.. read more

पुस्तकालय आंदोलन के पुरोधा जगन्नाथ प्रसाद साह

19 वीं और 20 वीं सदी के दौरान भारत में राजनीति और समाज सुधार के क्षेत्र में जो काम हुए, उसका परिणाम सामाजिक-सांस्कृतिक पुनर्जागरण के रूप में सामने आया। बेशक, इसमें पुस्तकालय आंदोलन

…. read more

किशोरी प्रसन्न सिंह - वामपंथ के सच्चे सिपाही

सात दिसंबर 1920 को महात्मा गाँधी हाजीपुर आने वाले थे, जहाँ हाजीपुर स्टेशन के पास ही एक मैदान में उनकी सभा होनी थी।  
…. read more

इतिहास के आईने में सुनीति देवी

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिकाओं से इतिहास भरा पड़ा है। बिहार में ऐसी बहुतेरी क्रान्तिकारी महिलाएँ थीं, जो आजादी के आंदोलन में सक्रिय थीं।

.. read more

हरिमोहन झा: एक अकथ कहानी

मैथिली साहित्य के सिरमौर तथा दर्शन शास्त्र के प्रकाण्ड विद्वान प्रो. हरिमोहन झा की कालजयी रचनाओं को पढ़ते हुए कुछ ऐसी ही अनुभूति होती है। …. read more

संगीत के वैशाली घराने के संस्थापक सरयू भारती

घराने से तात्पर्य किसी बड़ी या लंबी सांस्कारिक परंपरा का पालन और सम्मान करनेवाले परिजनों का समूह है। संगीत – क्षेत्र में परंपरा-रक्षा की मर्यादित शृंखलाएँ रही हैं।
…. read more

डॉ दामोदर प्रसाद : जो अपने सपनों को जीते थे

आज से अंठावन साल हुए मेरा सपना पूरा हुआ था। मेरे सहपाठी डिप्टी कलक्टरी के लिए बेचैन थे। जिन्हें वह मिल जाती – लोग पानी में आग लगाने का अहसास कराते।

.. read more

डॉ योगेन्द्र मिश्र

मैथिली साहित्य के सिरमौर तथा दर्शन शास्त्र के प्रकाण्ड विद्वान प्रो. हरिमोहन झा की कालजयी रचनाओं को पढ़ते हुए कुछ ऐसी ही अनुभूति होती है। …. read more

संगीत के वैशाली घराने के संस्थापक सरयू भारती

घराने से तात्पर्य किसी बड़ी या लंबी सांस्कारिक परंपरा का पालन और सम्मान करनेवाले परिजनों का समूह है। संगीत – क्षेत्र में परंपरा-रक्षा की मर्यादित शृंखलाएँ रही हैं।
…. read more

डॉ दामोदर प्रसाद : जो अपने सपनों को जीते थे

आज से अंठावन साल हुए मेरा सपना पूरा हुआ था। मेरे सहपाठी डिप्टी कलक्टरी के लिए बेचैन थे। जिन्हें वह मिल जाती – लोग पानी में आग लगाने का अहसास कराते।

.. read more